Gharelu Upay - घरेलु उपाय

Gharelu Upay Upchar aur Nuskhe

नीलगिरी के तेल के फायदे

इंफेक्शन या बंद नाक के कारण होने वाले कोल्ड सोर की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में कानों में मल रहता है। यदि यह एक समस्या है, तो बहुत से लोग बाहर जाते समय स्कार्फ पहनते हैं या इयर बर्ड का उपयोग करते हैं। लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा है तो दर्द निवारक की जगह यूकेलिप्टस के तेल का इस्तेमाल करें।

ये तेल कैसे फायदेमंद है?

नीलगिरी के तेल में एंटीसेप्टिक के साथ-साथ जीवाणुरोधी गुण भी होते हैं। नीलगिरी का तेल संक्रमण को बढ़ाने वाले बैक्टीरिया को मारने में उपयोगी है और दर्द को कम करने में भी मदद करता है। यह सर्दी और सांस की बीमारियों से भी राहत देता है। नीलगिरी का तेल नाक की भीड़ को कम करने में भी फायदेमंद होता है।

  • मालिश:
    नीलगिरी के तेल से कान के बाहरी हिस्से की मालिश करने से रक्त प्रवाह में सुधार होता है। यह दर्द को कम करने में भी मदद करता है। यह ईयरवैक्स को ढीला करने में भी मदद करता है। लेकिन इसमें नारियल का तेल मिलाकर गर्दन की तरफ मसाज करें।

  • वाष्पित हो जाना:
    अगर कान में ठंडक या नाक बंद होने से दर्द हो तो भाप लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके लिए गर्म पानी में 4-5 बूंद यूकेलिप्टस तेल की डालें। सिर को किसी मोटी चादर या तौलिये से ढक लें। धीरे-धीरे सांस लें। सांस लेते समय नाक साफ हो जाएगी। नतीजतन, कान का दर्द भी कम हो जाता है।  
नीलगिरी के तेल के फायदे
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