तनाव के कारण
- लाली बदली जीवन शैली
- परिवार में पति-पत्नी के बीच झगड़ा,
- सास, दामाद आदि।
- सकारात्मक सोच की कमी
- बीमारी का तनाव
- तामसी आहार का सेवन
- पर्याप्त नींद नहीं लेना
- पेट साफ नहीं है
- गलत संगति
- पहले लोगों को शारीरिक तनाव होता था। मानसिक तनाव इन दिनों बढ़ रहा है।
लक्षण
- एक शुल्क के लिए गुस्सा होना। क्षणिक मिजाज।
- बहुत अधिक खाना या बिल्कुल न खाना।
- नींद न आना या लगातार सोते रहना
- चाय, कॉफी, धूम्रपान, शराब आदि। लत।
- निर्णय लेने की क्षमता में कमी।
- सिर दर्द, अपच, एसिड रिफ्लक्स, गर्दन में दर्द, सिर चकराना, हृदय गति में वृद्धि, दांत काटना, बेहोशी आदि।
- बी.पी. वृद्धि करने के लिए या कम।
- अत्यधिक थकान। काम में उत्साह की कमी, लगातार आलस्य
- बार-बार पेशाब आना
परिणाम और रोग
- रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर और कमजोर होती जा रही है।
- दिल का दौरा।
- यौन समस्याएं होती हैं।
- सोरायसिस जैसे डर्मेटाइटिस।
- पुरुषों को अल्सर और हृदय रोग होता है। तो महिलाओं को होती है बेचैनी और डिप्रेशन
- बड़बड़ाते रहो या चुप रहो
- मधुमेह की तरह बीमार होना
- बीमार होना या ठीक न होना
- अप्रासंगिक कार्य करना
उपाय
- हर विचार को सकारात्मक बनाएं।
- उदास होने के बजाय खुशी से सोचने की आदत डालें।
- शाकाहारी बनें और पौष्टिक और सात्विक भोजन करें।
- अधिक भोजन न करें। नहीं तो जल्द ही शारीरिक और बौद्धिक थकान आ जाएगी।
- एक ही काम को लंबे समय तक किए बिना अलग-अलग काम करें।
- सामाजिक संबंधों को बढ़ाएं, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और दोस्तों को जोड़ें।
- मनोरंजन के लिए शौक पैदा करें।
- एक ब्रेक लें। कुछ देर ध्यान करें।
- तनाव हो तो खूब हंसें या रोएं। तनाव निश्चित रूप से कम होगा।
- व्यसन तनाव को कम किये बिना सहन करने की क्षमता को नष्ट कर देता है।
- नियमित ध्यान, प्राणायाम, योग, सूर्य नमस्कार आदि। करना।
- तनाव की स्थिति में हाथों और पैरों की हथेलियों को रगड़ें और दबाएं।
