शेवागा एक फलीदार सब्जी है। दक्षिण भारत में पाया जाने वाला यह पौधा भी बहुत ही औषधीय होता है कोवल्य के पत्ते की सब्जी महाराष्ट्र के मृग नक्षत्र में उगाई जाती है। बरसात के मौसम की शुरुआत में शरीर का वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, इसलिए इस सब्जी को नियमित रूप से खाया जाता है।
शेवगा खाने के आयुर्वेदिक लाभ
- हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से इसका सेवन करना चाहिए।
- अगर आपका वजन ज्यादा है तो इस का सूप बनाकर पिएं। नियमित शराब पीने के साथ कम वसा का सेवन किया हुआ दिखाई देगा। इसके अलावा नियमित व्यायाम करना चाहिए।
- शारीरिक कमजोरी होने पर नियमित आहार में भांग की फली का सेवन करना चाहिए।
- यह गठिया, नेत्र रोग और मांसपेशियों की कमजोरी को भी ठीक करता है।
- शेवागा गर्म होता है इसलिए यह गठिया और कफ के लिए बहुत उपयोगी है।
- शेवागा एक उत्कृष्ट पाचक है। पेट का पाचन नियमित होता है और रक्त प्रवाह में सुधार होता है।
- शेवागा का रस निकालने से शरीर या शरीर के अंदर की सूजन कम हो जाती है।
- सिरदर्द और भारीपन के इलाज में शेवागा बहुत कारगर है।
- चूंकि शेवागा कृमिनाशक है, इसलिए पेट के कीड़े मल में निकल जाते हैं।
- एनीमिया, किडनी स्टोन, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज जैसी बीमारियों में फायदेमंद है शेवागा
